90 फीसदी से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता, धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी सख्त; अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन।
जनपद में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी समीर ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को हर हाल में 15 दिसंबर 2026 तक पूरा कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाए, ताकि आमजन को इनका लाभ मिल सके।
कम प्रगति पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान डायट जालौन के निर्माण कार्य की प्रगति मात्र 14 प्रतिशत, राजकीय हाईस्कूल खारका के उच्चीकरण कार्य की प्रगति शून्य और मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय की प्रगति 5.5 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता और समयसीमा पर रहेगा जोर
जिलाधिकारी ने जल निगम की नगरीय एवं ग्रामीण परियोजनाओं में आ रही समस्याओं का निस्तारण करने, मरोड़ा स्थित मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने तथा राज्य कर भवन, सद्भाव मंडप और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को शीघ्र संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास से संबंधित कार्यवाही समय से पूरी करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल प्रगति रिपोर्ट के आधार पर संतुष्ट न हों, बल्कि निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता सुनिश्चित करें। भूमि, बजट और तकनीकी स्वीकृति से संबंधित समस्याओं का आपसी समन्वय से तत्काल समाधान किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाएगी और कार्यों में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एचएन प्रसाद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमित सक्सेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।