परिजनों ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया, नाबालिग की बरामदगी और प्रकरण की जांच के निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन।
मध्य प्रदेश के दतिया में एक व्यक्ति की छत से गिरकर हुई मौत के मामले में अपर पुलिस अधीक्षक जालौन ने पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि कोंच पुलिस की टीम थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में उसकी सकुशल बरामदगी के लिए दतिया गई थी। इसी दौरान संबंधित व्यक्ति की छत से गिरने के कारण मृत्यु हो गई।
अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को थाना कोंच में नाबालिग किशोरी के लापता होने की शिकायत पर बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। किशोरी की तलाश में पुलिस टीम दतिया पहुंची थी। वहां संबंधित अभियुक्त के पिता अपने निजी कार्य से छत पर गए थे। इसी दौरान पैर फिसलने से वह नीचे गिर गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों ने लिखित में दी जानकारी
एएसपी जालौन ने बताया कि घटना के संबंध में मृतक के परिजनों से संपर्क किया गया। परिजनों ने लिखित रूप से अवगत कराया कि घटना में किसी व्यक्ति विशेष की गलती नहीं है और मृतक की मृत्यु छत से पैर फिसलकर गिरने के कारण हुई।
मामले में दतिया पुलिस की ओर से पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई है।
एएसपी ने जांच के दिए निर्देश
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूर्व में दर्ज अभियोग में नाबालिग किशोरी की नियमानुसार बरामदगी और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए क्षेत्राधिकारी कोंच को निर्देशित किया गया है। जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, टीम दतिया नाबालिग किशोरी की बरामदगी के लिए गई थी। व्यक्ति की मृत्यु छत से गिरने की घटना में हुई, जबकि मृतक के परिजनों ने लिखित रूप से किसी व्यक्ति विशेष को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।