जनगणना-2027 की तैयारियों को धार, 16 नवंबर से स्वगणना; एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक

जिलाधिकारी समीर ने प्रशिक्षण में दिए त्रुटिरहित गणना के निर्देश, प्रत्येक व्यक्ति से पूछे जाएंगे 40 सवाल

संवाददाता
उरई/जालौन।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए सोमवार को बंशीधर महाविद्यालय, झांसी रोड, उरई में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी समीर ने कार्मिकों को सही सूचनाओं का संकलन करने और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनगणना करेंगे। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति से निर्धारित 40 प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रगणक प्रत्येक परिवार से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संवाद करें और सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें।

प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को प्रश्न पूछने की सही प्रक्रिया, नागरिकों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने और उसका व्यवस्थित अभिलेखीकरण करने के बारे में जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक निर्णयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सभी कार्मिक पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने बताया कि जनपद जालौन ने जनगणना के प्रथम चरण में अच्छा प्रदर्शन किया है। अब द्वितीय चरण में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करना है। चार जनवरी 2027 को बेघर एवं गृहविहीन व्यक्तियों की गणना भी की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति गणना से छूटने न पाए।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित संबंधित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

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