ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत कानपुर देहात पुलिस की प्रभावी पैरवी लाई रंग, एडीजे-15 पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा
संवाददाता
कानपुर देहात।
जनपद में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी प्रताप पुत्र मुनीम सिंह कठेरिया, निवासी दबौली, थाना मंगलपुर को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे आठ माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
2020 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 27 फरवरी 2020 को अभियुक्त के विरुद्ध थाना मंगलपुर में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर 19 मार्च 2020 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
प्रभावी पैरवी के बाद सुनाई गई सजा
मामले में दोषी को सजा दिलाने के लिए थाना मंगलपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर एडीजे-15 (बलात्कार/पॉक्सो एक्ट), कानपुर देहात की अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त को दोषसिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के माध्यम से गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह फैसला महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में कानूनी कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण है।