ऋण पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें बैंकर्स, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
संवाददाता | कानपुर देहात
जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं जिला समन्वयक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों से योजनावार उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि ऋण संबंधी पत्रावलियों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि अपूर्ण पत्रावलियों को संबंधित विभाग, बैंक और आवेदक के बीच समन्वय स्थापित कर शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। जिलाधिकारी ने बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने तथा जनपद के ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और स्वरोजगारपरक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पात्र लाभार्थियों की ऋण पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण कर योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में कृषकों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों के अधिकाधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बैंक खाते शीघ्र खोलने तथा उन्हें आवश्यक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर भी बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण करते समय शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में ऋण-जमा अनुपात, वार्षिक ऋण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित किसानों को केसीसी से संतृप्त करने, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं अन्य स्वरोजगार योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, उपायुक्त नरेगा अशोक कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) राकेश कुमार, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित रहे।