नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में सोमवार को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्राओं ने दिल्ली पुलिस पर उनके साथ धक्का-मुक्की करने, कपड़े फाड़ने और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए। घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्राएं घायल हो गईं। एक छात्रा ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों द्वारा उसके साथ हाथापाई की गई और उसके कपड़े फट गए। कुछ अन्य छात्राओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन उन्हें जबरन रोका गया।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी और किसी भी महिला प्रदर्शनकारी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को निर्धारित नियमों के तहत रोकने का प्रयास किया गया और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई साक्ष्य या शिकायत है तो उसकी जांच नियमानुसार की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर विभिन्न पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं।
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस अपने रुख पर कायम है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
नोट: इस मामले में छात्राओं और पुलिस के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। आरोपों की सत्यता की पुष्टि सक्षम जांच और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।