पत्नी ने दरवाजा न खुलने पर पुलिस को दी सूचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा मौत के कारण का खुलासा
अगरतला। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनका शव रविवार सुबह राजधानी अगरतला स्थित सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। इस घटना से पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में शोक की लहर है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डीजीपी अनुराग अपने सरकारी आवास पर मौजूद थे। सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया, जहां डीजीपी का शव मिला। इसके बाद पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और अपराध शाखा की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।
डीजीपी अनुराग वर्ष 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे पुलिस सेवा काल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और पुलिस आधुनिकीकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की थीं।
मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने डीजीपी अनुराग के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इसे अपूरणीय क्षति बताया है। राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है।
फिलहाल पुलिस आत्महत्या के संभावित कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक मौत के कारणों को लेकर किसी भी प्रकार की अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।