आईएएस टिकू सिंह राही के पांच पन्नों के इस्तीफे से मचा हड़कंप, आधी तनख्वाह और प्रतिनियुक्ति की रखी मांग

जालौन के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने शासन को भेजा इस्तीफा, प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में तैनात मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एवं आईएएस अधिकारी टिकू सिंह राही द्वारा शासन को भेजे गए पांच पन्नों के इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने इस्तीफे में प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी और कार्य करने में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों का विस्तार से उल्लेख किया है। साथ ही उन्होंने आधे वेतन पर प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर भेजे जाने की इच्छा भी जताई है।

सूत्रों के अनुसार, आईएएस अधिकारी टिकू सिंह राही ने अपने पत्र में लिखा है कि यदि उत्तर प्रदेश में उनके लिए उपयुक्त कार्य नहीं है तो उन्हें किसी अन्य राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रतिनियुक्ति संभव नहीं है तो उन्हें आधे वेतन पर किसी अन्य दायित्व में कार्य करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि वह जनहित में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करना कठिन होता जा रहा है।

इस्तीफे में उन्होंने प्रशासनिक दबाव, निर्णय लेने की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं तथा अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि कई बार जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं और आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बताया जा रहा है कि पांच पन्नों का यह पत्र शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है। पत्र सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई अधिकारी इसे एक गंभीर प्रशासनिक संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह व्यक्तिगत अनुभवों और कार्य परिस्थितियों को लेकर व्यक्त की गई भावना है।

हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शासन स्तर पर पत्र का परीक्षण किया जा रहा है और संबंधित विभाग पूरे मामले की समीक्षा में जुटा हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पत्र में उठाए गए सभी बिंदुओं पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

उधर, इस पूरे घटनाक्रम के बाद जालौन सहित प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि शासन पत्र में उठाए गए मुद्दों की गंभीरता से जांच कर सकता है और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है।

फिलहाल, आईएएस अधिकारी टिकू सिंह राही का इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। शासन के अंतिम निर्णय के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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