कानपुर देहात | दिनांक 29 मई 2026
जिला प्रोबेशन अधिकारी, कानपुर देहात रेनू यादव ने अवगत कराया है कि मा० उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या 2482/2014 Aureliano Fernandes Vs State of Goa and Others के क्रम में पारित आदेशों तथा महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, निषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुपालन में समस्त निजी/प्राइवेट कंपनियों, फर्मों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaint Committee – ICC) का गठन अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा-4 के अनुसार प्रत्येक नियोजक द्वारा अपने संगठन में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाना आवश्यक है। वहीं धारा-26 के तहत इस प्रावधान का पालन न करने पर अधिकतम 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित SHE-Box पोर्टल के माध्यम से सभी निजी कंपनियों एवं प्रतिष्ठानों का पंजीकरण तथा गठित आंतरिक परिवाद समिति का पूर्ण विवरण—जिसमें पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की जानकारी शामिल है—पोर्टल पर दर्ज किया जाना अनिवार्य किया गया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अवलोकन में पाया गया है कि जनपद कानपुर देहात में संचालित अधिकांश निजी कंपनियों, प्रतिष्ठानों एवं फर्मों द्वारा अभी तक SHE-Box पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया गया है, जो कि चिंता का विषय है।
उन्होंने जनपद के सभी निजी/प्राइवेट प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे मा० न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में तत्काल प्रभाव से SHE-Box पोर्टल पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें तथा आंतरिक परिवाद समिति का पूर्ण विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।