प्रेस विज्ञप्ति

उरई, दिनांक 30 मई 2026 (सू०वि०)

नगर मजिस्ट्रेट/प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि निदेशालय, महिला कल्याण विभाग, उ०प्र० लखनऊ के पत्र दिनांक 22.05.2026 के क्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, गैर-शासकीय कार्यालयों, निगमों, संस्थाओं, निकायों, बोर्डों, परिषदों, उपक्रमों एवं निजी प्रतिष्ठानों में आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) का गठन अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 की धारा 4 के अंतर्गत यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही सभी संस्थानों को शी-बॉक्स पोर्टल (https://shebox.wcd.gov.in) पर ऑनलाइन पंजीकरण कर समिति का पूर्ण विवरण अपलोड करना अनिवार्य होगा।

जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित सभी निजी एवं प्राइवेट कंपनियां, फर्म एवं संस्थान दो दिन के भीतर शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण कर इसकी सूचना जिलाधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को उपलब्ध कराएं।

निर्देशों के अनुसार जिन कार्यालयों या प्रतिष्ठानों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां नियोजक द्वारा आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। समिति का गठन किसी वरिष्ठ महिला कर्मचारी की अध्यक्षता में किया जाएगा तथा इसमें दो सदस्य संबंधित कार्यालय से एवं एक सदस्य किसी गैर-सरकारी संगठन से नामित किया जाएगा। समिति के कुल सदस्यों में कम से कम आधी सदस्य महिलाएं होना आवश्यक है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नियोजक निर्धारित नियमों के अनुसार समिति का गठन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए 50,000 रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। पुनः उल्लंघन की स्थिति में दंड की राशि दोगुनी किए जाने का भी प्रावधान है।

जिला प्रशासन ने सभी संस्थानों को निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। समिति गठन न होने की स्थिति में लगने वाले किसी भी आर्थिक दंड के लिए संबंधित नियोजक स्वयं जिम्मेदार होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *