ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मूसानगर पुलिस की प्रभावी पैरवी से 10 साल पुराने मामले में आया फैसला
संवाददाता
कानपुर देहात।
नाबालिग से छेड़छाड़ के करीब 10 साल पुराने मामले में कानपुर देहात की अदालत ने दोषी सुरेंद्र को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को चार माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2016 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, मूसानगर थाना क्षेत्र के चतुरीपुरवा निवासी सुरेंद्र पुत्र रामनाथ के खिलाफ 17 जुलाई 2016 को वादिनी की नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में थाना मूसानगर में मुकदमा अपराध संख्या 176/2016 के तहत धारा 354 भादवि और धारा 8 पॉक्सो एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
विवेचक ने जांच पूरी करने के बाद 27 जुलाई 2016 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
प्रभावी पैरवी से दोषी को सजा
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना मूसानगर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी की। इसके परिणामस्वरूप अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-15), बलात्कार/पॉक्सो एक्ट न्यायालय, कानपुर देहात ने 17 अक्टूबर 2026 को दोषी को चार वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य प्रभावी अभियोजन के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाना और महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाना है।