मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मरीजों की जांच कर बांटी गईं दवाएं, 10 मरीज उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर
संवाददाता
कानपुर देहात
जनपद में रविवार, 11 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला संख्या-274 का आयोजन सभी 30 शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया। मेले में पहुंचे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। इस दौरान 49 चिकित्सकों और 120 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। जन आरोग्य मेले के माध्यम से कुल 1,741 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 874 पुरुष, 662 महिलाएं और 205 बच्चे शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मेले में 684 मरीजों की कोविड हेल्प डेस्क पर जांच की गई। इनमें से कोई भी मरीज कोविड जांच के लिए पात्र नहीं पाया गया। इस दौरान 22 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। बुखार से पीड़ित 158 मरीज सामने आए, जिनमें से 70 मरीजों की मलेरिया और नौ मरीजों की डेंगू जांच कराई गई। जांच में किसी भी मरीज में मलेरिया या डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा 37 मरीजों की आंखों की जांच की गई और 149 लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया।
मेले में सर्दी-जुकाम के 102, पेट संबंधी रोगों के 162 और त्वचा रोगों के 201 मरीज मिले। वहीं, 54 मरीज एनीमिया, 79 मधुमेह तथा 62 मरीज उच्च रक्तचाप से संबंधित समस्याओं से ग्रसित पाए गए। कुल 39 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक संभावित क्षय रोगी की पहचान की गई, जबकि 10 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
स्वास्थ्य केंद्रों का किया गया निरीक्षण
जन आरोग्य मेले को सुचारु रूप से संचालित कराने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अधिकारियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण भी किया। चिकित्सा अधीक्षकों एवं स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लेकर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर देहात ने बताया कि मेले का उद्देश्य लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।