एसपी सुरेश चन्द्र रावत ने अर्दली रूम में की लंबित मामलों की समीक्षा, जघन्य अपराधों में मजबूत चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन।
अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक जालौन सुरेश चन्द्र रावत ने पुलिस कार्यालय में विवेचकों के साथ अर्दली रूम आयोजित कर लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विवेचनाओं में तेजी लाने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसपी ने विशेष रूप से वर्ष 2025 और उससे पूर्व की सभी लंबित विवेचनाओं को 15 दिन के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने जघन्य अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को समय से संकलित करने तथा न्यायालय में मजबूत चार्जशीट दाखिल करने पर जोर दिया।
साइबर अपराधों की विवेचना को प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की विवेचना प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही विशेष अभियान चलाकर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचनाओं में अनावश्यक देरी या कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी विवेचकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में संबंधित पुलिस अधिकारी और विवेचक मौजूद रहे।