जालौन में साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को डिजिटल ठगी से बचने के बताए तरीके

डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग और साइबर ग्रूमिंग के प्रति किया जागरूक, 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी

संवाददाता
उरई/जालौन

उरई। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को जनपदीय साइबर सेल की टीम ने कन्हैया लाल अग्रवाल मेमोरियल बाल विद्या मंदिर, जनपद जालौन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए।

कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल पुलिस कार्यालय में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग, साइबर ग्रूमिंग और महिलाओं से संबंधित साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस टीम ने बताया कि ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी साइबर अपराधियों के जाल में फंसा सकती है।

ओटीपी और यूपीआई पिन किसी से साझा न करें

साइबर सेल की टीम ने ऑनलाइन लेन-देन करते समय सावधानी बरतने, अपना ओटीपी (OTP) और यूपीआई पिन (UPI PIN) किसी के साथ साझा न करने तथा अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर अजनबियों से बातचीत करते समय सतर्क रहने और अपनी निजी जानकारी, फोटो या अन्य संवेदनशील विवरण अनजान लोगों के साथ साझा न करने के लिए प्रेरित किया गया।

साइबर बुलिंग और डिजिटल अरेस्ट से रहें सावधान

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग और साइबर ग्रूमिंग जैसी गतिविधियों की पहचान करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी घटना का सामना करने पर चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को तत्काल जानकारी दें।

टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने-धमकाने और पैसे की मांग करने वाले साइबर ठगों से भी सावधान रहने की अपील की। बताया गया कि किसी के पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी होने का दावा करने मात्र से उसकी बात पर भरोसा न करें और डर के कारण जल्दबाजी में पैसे न भेजें।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को बताया गया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।

साइबर सेल की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाना रहा।

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