राष्ट्रीय लोक अदालत 09 मई के सफल आयोजन हेतु विस्तृत तैयारी बैठक सम्पन्न

संवाददाता, कानपुर देहात

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी आयोजन के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय सभागार, कानपुर देहात में एक विस्तृत तैयारी बैठक आयोजित की गई।

बैठक का उद्देश्य जनपद स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा करना तथा विभिन्न विभागों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। बैठक जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम (नोडल अधिकारी) रजत सिन्हा ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के विवादों का निस्तारण आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और वादकारियों को शीघ्र न्याय प्राप्त होता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि 09 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों से संबंधित अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित कर उनका निस्तारण कराया जाएगा। इसमें दीवानी वाद, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामले, विद्युत व जल बिल विवाद, उपभोक्ता मामले तथा अन्य सुलह योग्य प्रकरण शामिल किए जाएंगे।

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे लंबित एवं प्रीलिटिगेशन मामलों का चिन्हांकन कर अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत करें। साथ ही पक्षकारों को लोक अदालत के बारे में जानकारी देकर उन्हें अपने मामलों के निस्तारण हेतु उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में यह भी बताया गया कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों में कोई न्यायालय शुल्क देय नहीं होता है। यदि कोई मामला न्यायालय में लंबित है और उसका निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से होता है, तो जमा न्यायालय शुल्क भी वापस कर दिया जाता है। लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं है।

लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। न्यायालय परिसर में वादकारियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, सहायता काउंटर की स्थापना, आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता तथा अन्य प्रशासनिक तैयारियों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस व्यवस्था का लाभ उठा सकें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने अधिकारियों को लोक अदालत की प्रक्रिया, मामलों के चयन एवं निस्तारण से संबंधित आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल विवादों के त्वरित निस्तारण का माध्यम है, बल्कि इससे पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द भी बना रहता है।

इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, क्षेत्राधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ अधिक से अधिक वादकारियों तक पहुंच सके।

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