संवाददाता, कानपुर देहात
कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशानुसार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव के नेतृत्व में 30 अप्रैल 2026 को किसान इंटर कॉलेज, कांधी में दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला मिशन समन्वयक ने बताया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज लेना, देना या इसके लेनदेन में सहयोग करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए 5 वर्ष तक की कैद और 15,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी बताया कि दहेज के लिए उत्पीड़न करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के अंतर्गत, जो पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा अवैध मांग से संबंधित है, 3 वर्ष तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि दहेज लेनदेन से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर महिला हेल्पलाइन नंबर 181 या संबंधित नोडल अधिकारियों—मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) तथा संबंधित उपजिलाधिकारी—को सूचित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बालिकाओं को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना शामिल हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 181, 1098, 112 और 1080 के बारे में भी जागरूक किया गया।
इस अवसर पर बालिकाओं ने “दहेज प्रथा बंद करो”, “शादी में दहेज न लें” और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे नारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में संबंधित योजनाओं के पंपलेट वितरित कर छात्राओं को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।