उरई/जालौन।
जनपद में बदलते मौसम के बीच आम, लीची एवं सब्जियों की फसलों को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने के लिए जिला उद्यान अधिकारी परवेज खान ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है।
उन्होंने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण इस समय फसलों पर कीट एवं रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहकर समय पर उचित उपाय अपनाने की आवश्यकता है।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि आम की फसल में इस समय मिलीबग, भुनगा (लूपर) और थ्रिप्स जैसे कीट सक्रिय हो जाते हैं। वहीं एन्थ्रेक्नोज जैसे रोग भी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बचाव के लिए बागों की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार दवाओं का छिड़काव करें और वैज्ञानिक पद्धति से बाग प्रबंधन अपनाएं, जिससे उत्पादन में वृद्धि संभव है।
उन्होंने आगे बताया कि टमाटर, बैंगन, लौकी, तोरई सहित अन्य सब्जियों में झुलसा रोग, फल सड़न और कीट प्रकोप की समस्या बढ़ सकती है। इसके नियंत्रण के लिए समय पर फफूंदनाशी एवं कीटनाशी दवाओं का प्रयोग करें। साथ ही खेतों में जलभराव न होने दें और स्वच्छता बनाए रखें, ताकि रोगों के फैलाव को रोका जा सके।
जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अपील की कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क करें और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी और वैज्ञानिक उपाय अपनाकर किसान अपनी फसल को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं और बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कीटनाशकों के उपयोग में निर्धारित मात्रा और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, ताकि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।