जिलाधिकारी ने की जिला पोषण समिति की बैठक, दिये निर्देश संवाददाता कानपुर देहात जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में माॅ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का पोषण ट्रैकर पर नियमित रूप से ऊंचाई, वजन आदि विवरण शत-प्रतिशत दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लाभार्थियों, गर्भवती महिलाएं, धात्री महिलाएं एवं बच्चों का एफआरएस पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने को कहा। अवगत कराया गया कि लगभग 96 प्रतिशत लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण पूर्ण किया जा चुका है, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि महिलाओं एवं बच्चों को समय पर पोषाहार, राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों द्वारा उसका सत्यापन भी कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक बीएचएनडी सत्र पर आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक गतिविधियों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च माह तक जनपद में 454 सैम एवं 3099 मैम बच्चे चिन्हित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सैम बच्चों को मैम श्रेणी में तथा मैम बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने हेतु प्रभावी एवं लक्षित कार्यवाही की जाए। जिलाधिकारी द्वारा एनआरसी एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने शेष आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का आधार प्रमाणीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु समय-समय पर परीक्षण कराए जाने एवं निर्धारित मेनू के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गर्मी के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस के मध्य समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रबंधन करने के निर्देश दिए, जिससे किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त अन्य संबंधित विभागों को भी आपसी समन्वय के साथ शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित आंकड़ों को समयबद्ध रूप से संबंधित पोर्टलों पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। बैठक में एसीएमओ डा0 सुखलाल वर्मा, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ डा0 आशीष बाजपेयी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आरबी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, समस्त सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

संवाददाता, कानपुर देहात

कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में मा. मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का पोषण ट्रैकर पर ऊंचाई, वजन सहित अन्य विवरण शत-प्रतिशत दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं एवं बच्चों सहित सभी लाभार्थियों का एफआरएस पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि लगभग 96 प्रतिशत लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देशित किया कि महिलाओं एवं बच्चों को समय पर पोषाहार और राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों द्वारा उसका सत्यापन भी कराया जाए। प्रत्येक बीएचएनडी सत्र पर आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक गतिविधियों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च माह तक जनपद में 454 सैम (गंभीर कुपोषित) एवं 3099 मैम (मध्यम कुपोषित) बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सैम बच्चों को मैम श्रेणी में तथा मैम बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी और लक्षित कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने एनआरसी एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही शेष आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का आधार प्रमाणीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

आंगनबाड़ी केंद्रों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर परीक्षण कराने तथा निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया।

जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। गर्मी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

उन्होंने सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित आंकड़ों को समयबद्ध रूप से संबंधित पोर्टलों पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।

बैठक में एसीएमओ डॉ. सुखलाल वर्मा, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष बाजपेयी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आरबी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, समस्त सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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