संवाददाता, उरई/जालौन |
भारत सरकार द्वारा संचालित जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना अभियान 07 मई 2026 से जनपद जालौन में प्रारंभ हो गया है। अभियान की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्व-गणना कर जनपदवासियों को इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान 07 मई से 21 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। नागरिक स्व-गणना पोर्टल पर मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी सत्यापन कर घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश और समाज के समग्र विकास का आधार है। सही और सटीक जानकारी के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास, रोजगार एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी योजना तैयार करती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जनगणना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने अपील की कि स्व-गणना करते समय परिवार से संबंधित सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक और सही-सही दर्ज करें। विशेष रूप से परिवार द्वारा सर्वाधिक उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी सही भरना आवश्यक है, जिससे भविष्य की योजनाओं का बेहतर आकलन किया जा सके।
उन्होंने बताया कि स्व-गणना पूर्ण होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक SE ID प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। जब प्रगणक घर पहुंचेगा, तब उसी SE ID के आधार पर जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए नागरिक जनगणना हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। जनपद प्रशासन द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भागीदारी कर सकें।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद जालौन जनगणना-2027 में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करे।