संवाददाता | लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज को सम्मान, शिक्षा और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित तबकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार कार्य किया जा रहा है।
लखनऊ में आयोजित “पसमांदा मुस्लिम जन कार्यशाला” को संबोधित करते हुए दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। पसमांदा समाज को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उद्देश्य है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएं और लोगों को उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी पसमांदा समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा और कौशल विकास ही समाज की प्रगति का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने पसमांदा समाज के समग्र विकास और सामाजिक भागीदारी को मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया।