आर्थिक तंगी के कारण कोई पात्र बंदी न्याय से वंचित न रहे, निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
संवाददाता
कानपुर देहात।
जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती नूपुर श्रीवास्तव ने जिला कारागार, कानपुर देहात का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही, बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए शिविर का आयोजन भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों से उनके रहने, खानपान और कारागार में उपलब्ध अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
सचिव ने विशेष रूप से उन बंदियों को नियमानुसार निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से अपने मुकदमों की पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता नियुक्त करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक असमर्थता के कारण किसी भी पात्र बंदी को न्याय पाने के अधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिए। ऐसे बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराकर उनकी कानूनी पैरवी सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक, जेलर, उप जेलर सहित कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।