इस्लामाबाद। पाकिस्तान इन दिनों अपने इतिहास के सबसे गंभीर प्रतिभा पलायन के दौर से गुजर रहा है। गहराते आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और संस्थागत विफलताओं के बीच बीते दो वर्षों में हजारों डॉक्टर, इंजीनियर और अकाउंटेंट देश छोड़ चुके हैं। हालिया सरकारी रिपोर्ट ने इस संकट की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है।
पाकिस्तानियों ने विदेश में काम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया 2025 में, नवंबर तक ही 6,87,246 लोग विदेश रोजगार के लिए रजिस्टर हो चुके हैं। चिंताजनक बात यह है कि यह पलायन अब केवल खाड़ी देशों में मजदूरी करने वालों तक सीमित नहीं रहा।
व्हाइट-कॉलर प्रोफेशनल्स के अचानक देश छोड़ने की वजह से शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने एयरपोर्ट पर कंट्रोल कड़ा कर दिया है। असल में, 2025 में पाकिस्तानी एयरपोर्ट से 66,154 यात्रियों को उतारा गया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना था।
ये रिपोर्ट के आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब देश की सत्ता और सेना नेतृत्व लगातार ‘ब्रेन ड्रेन’ को खारिज करता रहा है।
पाकिस्तान के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन एंड ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 महीनों में पाकिस्तान ने करीब 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट खो दिए हैं।
बुध्दि उसने की गई है। यह सिलसिला 2025 में भी जारी है, जहां नवंबर तक ही 6,87,246 लोग विदेश रोजगार के लिए रजिस्टर हो चुके हैं।
चिंताजनक बात यह है कि यह पलायन अब केवल खाड़ी देशों में मजदूरी करने वालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पढ़े-लिखे और कुशल पेशेवर भी बड़ी संख्या में देश छोड़ रहे हैं।
ये रिपोर्ट के आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन को ‘ब्रेन ड्रेन’ नहीं बल्कि “ब्रेन गेन” बताया था।
पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने इस रिपोर्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला।
(नोट: इमेज में जनरल आसिम मुनीर की फोटो है, जो हाथ जोड़कर या सैल्यूट करते दिख रहे हैं।)