राष्ट्रीय लोक अदालत में ऐतिहासिक सफलता, न्यायालयों एवं जिला प्रशासन में 2,34,166 मामलों का हुआ निस्तारण

संवाददाता
उरई/जालौन

उरई, दिनांक 13 दिसम्बर 2025 (सू०वि०)।
जनपद जालौन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें न्यायालयों एवं जिला प्रशासन के माध्यम से कुल 2,34,166 मामलों का निस्तारण किया गया। यह आयोजन न्यायिक प्रणाली में त्वरित एवं सुलभ न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन प्रातः 10:00 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। जनपद की सभी तहसीलों में स्थित दीवानी न्यायालयों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया।

सचिव/अपर जिला जज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पंवार ने बताया कि माननीय जनपद न्यायाधीश के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में स्वयं जनपद न्यायाधीश द्वारा 18 मुकदमों का निस्तारण किया गया, जिसमें ₹69,19,013 की धनराशि पक्षकारों को दिलाई गई।
कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 31 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 5 वैवाहिक मामले प्री-लिटिगेशन स्तर पर निपटाए गए। अपर कुटुम्ब न्यायाधीश श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय द्वारा 55 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 3 वैवाहिक मामले प्री-लिटिगेशन स्तर पर शामिल रहे।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ द्वारा 70 मामलों में पीड़ितों को ₹39,30,000 की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार द्वारा 3 मामलों में ₹2,16,757 की धनराशि दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत (पीयूएस) के अध्यक्ष श्री राजवर्धन गुप्ता द्वारा भी 3 मामलों में पक्षकारों के मध्य सुलह कराई गई।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विशेष न्यायाधीशों द्वारा एससी/एसटी एक्ट, ईसी एक्ट, विद्युत अधिनियम सहित सैकड़ों मामलों का निस्तारण किया गया। विशेष रूप से विद्युत अधिनियम के अंतर्गत 536 मामलों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे द्वारा 2901 आपराधिक मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न सिविल एवं फौजदारी न्यायालयों, वाह्य न्यायालयों (कोंच, कालपी, जालौन, माधौगढ़ आदि) में भी हजारों मामलों में सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण किया गया।

जिला प्रशासन की ओर से जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार न्यायालयों द्वारा राजस्व एवं फौजदारी के कुल 2887 मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर के 2,25,429 मामलों का निस्तारण किया गया। बैंकों के बकाया ऋण से संबंधित 691 मामलों में भी समझौता कराया गया।

इस प्रकार न्यायालयों एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयास से राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,34,166 मामलों का निस्तारण कर इसे पूर्णतः सफल बनाया गया, जिससे आमजन को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय प्राप्त हुआ।

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