निजी एवं शासकीय अस्पतालों के वेस्टेज निस्तारण पर सख्ती, जिलाधिकारी ने गठित की संयुक्त जांच टीम

लापरवाही मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई

संवाददाता — उरई/जालौन

निजी एवं शासकीय अस्पतालों से निकलने वाले चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो-मेडिकल वेस्टेज) के समुचित निस्तारण में अनियमितताओं की प्राप्त शिकायत को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम में सीओ सिटी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को सम्मिलित किया गया है।

जिलाधिकारी ने जांच टीम को निर्देशित किया है कि जनपद के सभी निजी एवं शासकीय अस्पतालों का स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों से निकलने वाले जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट का संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण निर्धारित मानकों एवं शासन द्वारा तय नियमों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। जांच के दौरान वेस्टेज निस्तारण की संपूर्ण प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन अस्पतालों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए वेस्टेज का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध संबंधित अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनस्वास्थ्य एवं स्वच्छ पर्यावरण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा, और बायो-मेडिकल वेस्टेज प्रबंधन के नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।

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