कानपुर देहात।
जनपद में किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से अप्रैल माह के तृतीय बुधवार (15 अप्रैल 2026) को विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव द्वारा अधिकारियों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों एवं प्रगतिशील किसानों के स्वागत के साथ की गई। इस दौरान प्रगतिशील किसान सुंदर लाल द्वारा भिंडी भेंट की गई, वहीं फूल सिंह द्वारा सभी उपस्थित लोगों को छाछ पिलाकर उसके लाभ बताए गए।
बैठक में किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील करते हुए कहा कि इसके बिना कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही कृषक उत्पादक संगठन (FPO) बनाने के लिए कम से कम 10 सदस्यों की आवश्यकता एवं कंपनी/सोसाइटी एक्ट 2013 के तहत पंजीकरण की जानकारी दी गई।
जिला उद्यान अधिकारी ने बागवानी मिशन योजना के तहत फल एवं सब्जी उत्पादन पर मिलने वाले अनुदान, बीज वितरण तथा ड्रिप इरीगेशन के लाभों की जानकारी दी। साथ ही हाई-टेक नर्सरी के माध्यम से कम लागत में पौध तैयार कर आय बढ़ाने के उपाय बताए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी तथा ‘धरती माता बचाओ’ अभियान के बारे में बताया। वहीं कृषि रक्षा अधिकारी ने कीट नियंत्रण, रसायनों की उपलब्धता एवं 75 प्रतिशत अनुदान पर सोलर लाइट ट्रैप के उपयोग की जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिकों ने मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद एवं आधुनिक खेती तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। किसानों को समय से सिंचाई, सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग तथा रोग प्रबंधन के बारे में भी जागरूक किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए समूह आधारित खेती, जैविक खेती, सहफसली पद्धति एवं नगदी फसलों को अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा उन्हें की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, किसान संगठन प्रतिनिधि एवं लगभग 42 किसान उपस्थित रहे।