एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न

संवाददाता, कानपुर देहात

जनपद कानपुर देहात में एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) एवं मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित लक्ष्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी द्वारा योजनाओं के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, प्रस्तावित लक्ष्यों, कृषकों को उपलब्ध कराए जाने वाले अनुदान, तकनीकी सहयोग एवं बागवानी क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से फल क्षेत्र विस्तार, सब्जी उत्पादन, मसाला खेती, संरक्षित खेती, मशरूम उत्पादन, पॉलीहाउस एवं ट्यूबवेल संरचना, पौधशाला विकास तथा औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कृषकों की आय में वृद्धि एवं कृषि का विविधीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि विगत वर्ष लाभान्वित कृषकों तथा वर्तमान वर्ष में चयनित कृषकों का संयुक्त विवरण मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे योजनाओं के वास्तविक प्रभाव एवं पारदर्शिता का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल सीमित वर्ग तक न रहकर अधिक से अधिक नए कृषकों तक पहुंचना चाहिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे किसानों को प्राथमिकता प्रदान की जाए, जिन्हें पूर्व में किसी भी योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, ताकि अधिकाधिक कृषक आधुनिक औद्यानिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में गुणात्मक वृद्धि कर सकें।

जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, ग्राम स्तर पर कृषकों को जागरूक करने तथा आवेदन एवं चयन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में फल, सब्जी, मसाला एवं संरक्षित खेती की अपार संभावनाएं हैं और इन योजनाओं के माध्यम से जनपद के कृषकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए तथा प्रत्येक पात्र कृषक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में परियोजना निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग के अधिकारीगण, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि एवं कृषक उपस्थित रहे।

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