प्रेस विज्ञप्ति
उरई, दिनांक 25 जून 2026 (सू.वि.)
राजेश कुमार वर्मा, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, झाँसी मण्डल, झाँसी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुख्य रूप से वाहनों में अवैध रूप से लगाए जा रहे मॉडिफाइड साइलेंसरों के विरुद्ध कार्रवाई एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आहूत की गई।
बैठक में सम्भागीय परिवहन अधिकारी झाँसी मण्डल राजेश कुमार वर्मा, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन-।।) सुरेश कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन-।) राजेश कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सौम्या पाण्डेय, यात्री/मालकर अधिकारी आनन्द राय कुरील, यातायात प्रभारी वीर बहादुर सिंह सहित वाहन विक्रेता, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालक तथा ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि दोपहिया वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कृत्यों से आमजन, विशेषकर बुजुर्गों एवं मरीजों को गंभीर असुविधा होती है। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि इस प्रकार के उपकरणों का उपयोग एवं विक्रय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बैठक में बताया गया कि मॉडिफाइड साइलेंसर के विक्रय या फिटमेंट में संलिप्त संचालकों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम की धारा 182ए(3) के अंतर्गत ₹1,00,000 तक का जुर्माना अथवा 1 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। साथ ही गैराज संचालकों एवं डीलरों के ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त मोटर यान अधिनियम की धारा 190(2) के अंतर्गत प्रथम अपराध पर ही 3 माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस को अयोग्य घोषित किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का पंजीकरण धारा 53(1) के अंतर्गत निलंबित किया जा सकता है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी वाहन स्वामी/चालक की होगी। दोषी पाए जाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना तथा अवैध संशोधन युक्त वाहनों को मौके पर जब्त कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
परिवहन विभाग, जनपद जालौन ने आमजन से अपील की है कि वाहन खरीदते समय केवल अधिकृत एवं मानक साइलेंसर का ही उपयोग करें तथा मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग न करें। सभी नागरिकों से ध्वनि एवं वायु प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग की अपेक्षा की गई है।