संवाददाता
लखनऊ। ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से देशभर के उद्यमी, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि लखनऊ में एक मंच पर एकत्र हुए। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, नवाचार, डिजिटल समाधान और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा और विजन 2026 के तहत गांव, किसान, उद्यमी एवं स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस दिशा में सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है।
वक्ताओं ने कहा कि अब छोटे कारीगरों और उद्यमियों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और नई तकनीकों का लाभ मिल रहा है। इससे उनके उत्पाद देश और विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं तथा उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेष रूप से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया तथा वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन पहलों ने स्थानीय उद्योगों और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दिलाई है।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डिजिटल तकनीक, नवाचार और सरकारी सहयोग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार और रोजगार की असीम संभावनाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय उत्पादों को बेहतर विपणन और आधुनिक तकनीक का साथ मिले तो भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सकती है।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीण उद्यमिता, नवाचार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा सतत विकास की दिशा में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।