संवाददाता | लखनऊ
लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के निष्कासन के विरोध में बुधवार को छात्र नेताओं और छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राम नाईक कठेरिया (जैसा समाचार में उल्लेखित) के विश्वविद्यालय पहुंचने पर छात्रों ने उनसे मुलाकात कर निष्कासन का निर्णय वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि 13 छात्रों को बिना उचित सुनवाई के निष्कासित किया गया है, जिससे छात्र समुदाय में भारी नाराजगी है। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि निष्कासन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर दिया जाए।
छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना एकतरफा कार्रवाई की है। उनका कहना था कि यदि निष्कासन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राज्यपाल ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की तथा कहा कि शिक्षा का माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र परिसर में मौजूद रहे और निष्कासन आदेश वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन निष्कासन का फैसला वापस नहीं ले लेता।