सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम ने दिए व्यापक कार्रवाई के निर्देश

संवाददाता | उरई/जालौन

जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर प्रभावी एवं नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन एवं राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के निर्देशों के अनुसार जनपद में सड़क सुरक्षा अभियानों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

स्कूली वाहनों की होगी विशेष जांच

विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों एवं परमिट की विशेष जांच कराई जाए। बिना फिटनेस अथवा बिना परमिट संचालित स्कूल वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-19 के तहत ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन एवं निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

सड़क किनारे खड़े वाहनों पर भी निगरानी

राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर अनियमित रूप से खड़े भारी वाहनों के कारण हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सुरक्षित होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वहां पुलिस पिकेट स्थापित करने एवं जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।

मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर चलेगा अभियान

ध्वनि प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न एवं हूटर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन आमजन की शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं, इसलिए इनके खिलाफ नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आमजन से नियम पालन की अपील

जिलाधिकारी ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करने तथा ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।

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