कालपी तहसील में डीएम–एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, 17 का मौके पर निस्तारण
संवाददाता | उरई/जालौन
तहसील कालपी सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान राजस्व, पुलिस, विद्युत, नगर पालिका, जिला पूर्ति सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 49 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 113 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 38 शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। तहसीलवार स्थिति इस प्रकार रही—
उरई तहसील में 28 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8 का निस्तारण हुआ।
कालपी तहसील में 49 शिकायतें आईं, जिनमें 17 का मौके पर निस्तारण किया गया।
माधौगढ़ तहसील में 11 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 4 का समाधान किया गया।
कौंच तहसील में 15 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 5 का निस्तारण हुआ।
जालौन तहसील में 10 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 4 का निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने चक रोड से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों की संयुक्त टीम को मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण एवं त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण का वास्तविक पैमाना मानी जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आमजन को त्वरित न्याय और राहत प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाधान दिवस में उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव तथा अपर मुख्य अधिकारी एवं श्रम परिवर्तन अधिकारी जगदीश कुमार की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने पुलिस से संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए तत्काल राहत दी जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी मनोज सिंह, थाना प्रभारी अवधेश सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।