जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध, किसानों से वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों के प्रयोग की अपील
संवाददाता
उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपद के किसानों से खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों के उपयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि जनपद में सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है तथा वे अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों से ही उर्वरक खरीदें।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 13,768 मीट्रिक टन यूरिया, 9,941 मीट्रिक टन डीएपी, 339 मीट्रिक टन एमओपी (पोटाश), 1,602 मीट्रिक टन एनपीके तथा 1,194 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों का असंतुलित एवं अत्यधिक प्रयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कमजोर करता है, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है तथा खेती की लागत बढ़ाने के साथ उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए किसान कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें, जिससे फसल उत्पादन बढ़े और भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित बनी रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री प्रणाम योजना के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अनावश्यक रूप से उर्वरकों का भंडारण न करने, उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड साथ रखने तथा विक्रेता से कैश मेमो अवश्य लेने की अपील की।
उन्होंने नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग के लिए सामान्य यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया के प्रयोग को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे पौधों को पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर होती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता भी कम होती है। उन्होंने किसानों से फसलवार अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करने का आग्रह किया, जिससे उत्पादन के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है, टैगिंग करता है अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता करता है तो किसान तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित अधिकारियों को शिकायत करें। ऐसी शिकायतों की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।