संवाददाता, कानपुर देहात
लखनऊ में हाल ही में हुई दुखद घटना के उपरांत शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में जनपद कानपुर देहात में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध व्यापक एवं सघन जांच अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, निजी कोचिंग संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन कराना तथा अनियमित रूप से संचालित संस्थानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
दिनांक 23 जून 2026 को संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत तहसील स्तर पर गठित जांच टीमों द्वारा कोचिंग संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पंजीकरण की स्थिति, भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, छात्र क्षमता के अनुरूप संचालन, अभिलेखों के रखरखाव तथा अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।
जांच अभियान के दौरान जनपद में कुल 61 पंजीकृत निजी कोचिंग संस्थानों का सत्यापन किया गया। जांच में विभिन्न अनियमितताओं एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर 24 कोचिंग संस्थानों को सीज/बंद करने की कार्रवाई की गई, जबकि 15 संस्थान पहले से बंद पाए गए। इसके अतिरिक्त 22 अन्य प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्यवाहियां भी की गईं।
तहसीलवार कार्रवाई का विवरण
अकबरपुर तहसील
- कुल 14 पंजीकृत कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
- 4 संस्थानों को सीज/बंद किया गया।
- 4 संस्थान बंद पाए गए।
- 6 संस्थानों को नोटिस जारी किया गया।
भोगनीपुर तहसील
- कुल 17 पंजीकृत संस्थानों की जांच की गई।
- 5 संस्थानों पर सीज/बंदीकरण की कार्रवाई की गई।
- 3 संस्थान बंद पाए गए।
- 5 संस्थान संचालित नहीं मिले।
- 2 संस्थान संबंधित क्षेत्र से बाहर पाए गए।
- 2 संस्थानों के नामों की पुनरावृत्ति मिलने पर अभिलेखीकरण की कार्रवाई की गई।
डेरापुर तहसील
- कुल 8 पंजीकृत संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
- 4 संस्थानों पर सीज/बंदीकरण की कार्रवाई की गई।
- 1 संस्थान बंद पाया गया।
- 3 संस्थान लाइब्रेरी के रूप में संचालित पाए गए।
मैथा तहसील
- कुल 6 कोचिंग संस्थानों की जांच की गई।
- 4 संस्थानों को सीज/बंद किया गया।
- 2 संस्थान बंद पाए गए।
रसूलाबाद तहसील
- कुल 9 संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
- 3 संस्थानों पर कार्रवाई की गई।
- 5 संस्थान बंद पाए गए।
- 1 संस्थान को नोटिस जारी किया गया।
सिकंदरा तहसील
- कुल 7 पंजीकृत संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
- 4 संस्थानों को सीज/बंद किया गया।
- 2 संस्थान संचालित नहीं पाए गए।
- 1 संस्थान को नोटिस जारी किया गया।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी निजी कोचिंग संस्थान द्वारा सुरक्षा मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जांच एवं सत्यापन अभियान निरंतर जारी रखा जाए तथा जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित कराया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।