संवाददाता | उरई/जालौन
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (9 मई 2026) को प्रभावी एवं सफल बनाने के उद्देश्य से परिवार न्यायालय, जालौन (स्थान उरई) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय ने की।
यह बैठक उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 22 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 4:30 बजे नवनिर्मित भवन स्थित वादकारियों के प्रतीक्षालय/परामर्शदाता केंद्र में आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत समिति के अनुश्रवण की द्वितीय बैठक के तहत तैयारियों की समीक्षा की गई।
अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण संबंधी मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते के प्रयास किए जाएं, ताकि अधिकाधिक वादों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जा सके।
बैठक में परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी एवं परामर्शदाता श्री के.के. प्रजापति ने जानकारी दी कि 4 वैवाहिक मामलों में सुलह वार्ता सफल रही है। वहीं सदस्य/मध्यस्थगण श्री विनोद प्रकाश ब्यास एवं श्रीमती सुलेखा सिंह ने बताया कि न्यायालय से प्राप्त वादों में लगातार मीडिएशन कराया जा रहा है और पक्षकारों से नियमित संपर्क बनाए रखते हुए सुलह के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी आश्वासन दिया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण हेतु पक्षकारों को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा।
इस अवसर पर सदर मुंसरिम श्री काजी वसीम उल्ला, महासचिव श्रीमती साधना त्रिपाठी, श्रीमती सुनीता सिंह, श्री बृजराज रिछारा, श्री संजीव तिवारी, श्री यादवेन्द्र प्रताप सिंह, श्री लक्ष्मीकांत पाठक, श्री रामजी शाक्य, श्री अब्दुल रहमान, श्रीमती रश्मि सहित अन्य अधिवक्तागण एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।