13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों के निस्तारण पर जोर
संवाददाता
उरई/जालौन
उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला दीवानी न्यायालय सभागार में न्यायिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी/अपर जिला न्यायाधीश श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में नोडल अधिकारी श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालयों में विचाराधीन ऐसे मामलों को तत्काल चिन्हित किया जाए, जिनका निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है। संबंधित पक्षकारों को समय से सूचित करने तथा न्यायालय से जारी नोटिस एवं सम्मन की समयबद्ध तामीला सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि कई बार सम्मन एवं नोटिस समय से प्रेषित न होने अथवा उनकी तामीला समय पर न होने के कारण वादकारियों की न्यायालय में उपस्थिति कम रहती है, जिसका सीधा प्रभाव राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित होने वाले मामलों की संख्या पर पड़ता है। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को इस प्रक्रिया की अपने स्तर से नियमित निगरानी करने तथा अधिकाधिक मामलों के निस्तारण पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश श्री चन्द्रमोहन चतुर्वेदी, श्री मुन्ना प्रसाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे, सिविल जज सी०डि०/एफटीसी० श्री रजत सिंह यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री प्रत्यूश प्रकाश सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैंक प्रबंधकों के साथ भी हुई बैठक
एक अन्य बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती मनाली चन्द्रा ने विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि बकाया ऋण एवं एनपीए से जुड़े ऐसे मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जिनमें सुलह-समझौते की संभावना हो।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूची एवं संबंधित दावे/वादपत्र तैयार कर शीघ्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी की जा सके।
सचिव ने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित प्री-लिटिगेशन मामलों में संबंधित पक्षकारों को कम से कम दो बार नोटिस भेजे जाएं। नोटिस के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जागरूकता हेतु पैम्फलेट भी वितरित किए जाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करा सकें।
बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री अनुराग सक्सेना, भारतीय स्टेट बैंक से श्री सुजीत सिंह, यू०पी० ग्रामीण बैंक से श्री अरुण कुमार, बंधन बैंक से श्री संयोग दीक्षित एवं आईडीबीआई बैंक से श्री महेश यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।