धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के सापेक्ष धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली में तत्काल सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान नगर पालिका, सिंचाई, वन, स्टांप एवं परिवहन विभाग की राजस्व वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अगले माह तक राजस्व वसूली की स्थिति में प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर पालिकाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
नगर पालिकाओं में स्वतः कर प्रणाली के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
नगर पालिका उरई में ठेका-पट्टा आदि मामलों में स्टांप संबंधी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका उरई को भी फटकार लगाई और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग, पट्टों एवं अन्य प्रकार के अतिक्रमण के कारण शासन को राजस्व की क्षति नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी नगर एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
दो दिन में रिक्त दुकानों के आवंटन के निर्देश
जिलाधिकारी ने मंडियों में जनवरी से लंबित रिक्त दुकानों के आवंटन में हो रही देरी पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए दो दिवस के भीतर रिक्त दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण पर जोर
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि तीन वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने धारा-34 एवं धारा-116 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समयबद्ध न्याय मिल सके।
उन्होंने सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होते ही राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
समाधान दिवसों में अभिलेख उपलब्ध रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने लेखपाल बैठकों एवं समाधान दिवसों में खतौनी, नक्शा सहित आवश्यक राजस्व अभिलेख अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित शिकायतों की मौके पर जांच कर यथासंभव तत्काल निस्तारण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं एवं विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के लिए सभी अधिकारी पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गंभीरता के साथ कार्य करें। अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण कर जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें तथा राजस्व वसूली सहित सभी विभागीय लक्ष्यों की लगातार समीक्षा एवं निगरानी करते रहें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू राही, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।