संवाददाता | उरई/जालौन
कालपी नगर में लंबे समय से चली आ रही गंभीर पर्यावरणीय समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है, जिससे अब इस परियोजना को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी के निर्देशन में उपजिलाधिकारी कालपी के नेतृत्व में संपन्न कराई गई। अब तक कालपी नगर का दूषित जल रायढ़ गांव के पास नालों के माध्यम से सीधे यमुना नदी में प्रवाहित हो रहा था। इसके अलावा हाथ कागज उद्योगों से निकलने वाला रासायनिक युक्त अपशिष्ट भी नदी में मिलकर प्रदूषण की स्थिति को गंभीर बना रहा था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित औद्योगिक इकाइयों और नगर पालिका परिषद को नोटिस जारी किए थे, साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया था।
उपजिलाधिकारी कालपी, मनोज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जल निगम के अवर अभियंता एवं राजस्व टीम के साथ संयुक्त निरीक्षण के उपरांत रायढ़ दिवारा रोड स्थित मौजा तरीबुल्दा की गाटा संख्या 67/1, कुल रकबा 2.953 हेक्टेयर में से लगभग 5000 वर्ग मीटर भूमि एसटीपी निर्माण हेतु चयनित की गई है।
उन्होंने बताया कि यह भूमि पूर्व में भी स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चिन्हित की जा चुकी थी, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में सहूलियत मिलेगी। अब एसटीपी निर्माण का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
परियोजना पूर्ण होने के बाद नगर का गंदा पानी शोधित होकर ही यमुना नदी में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
इस पहल से न केवल यमुना नदी के प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि हाथ कागज उद्योगों को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यवाही से राहत मिलने की संभावना है।