संवाददाता | उरई/जालौन
उरई/जालौन, 09 जुलाई 2026। जनपद में आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सी.आर. प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत जनपद में मिलावटखोरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। अब तक न्यायालय द्वारा 10 लाख 22 हजार 500 रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। इनमें दूध में मिलावट के दोषी पाए गए 9 व्यक्तियों पर अकेले 5 लाख 72 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष के दौरान खाद्य पदार्थों के 52 नमूने जांच के लिए लिए गए, जिनमें 15 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। सभी मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए गए तथा दोषी विक्रेताओं पर नियमानुसार आर्थिक दंड लगाया गया।
औषधि निरीक्षक ने बैठक में जानकारी दी कि वर्ष के दौरान 37 मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 26 औषधियों के नमूने लिए गए। इनमें एक नमूना अधोमानक पाया गया, जिसके संबंध में न्यायालय में वाद दायर कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी मेडिकल स्टोरों को जीएसटी पंजीकरण के दायरे में लाकर पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए जूस, शीतल पेय एवं अन्य पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायनों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बाजार में बिक रहे दूध, फल, रंगयुक्त परवल एवं भिंडी, मसाले, खाद्य तेल तथा अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही थोक एवं फुटकर विक्रेताओं की सतत निगरानी रखने पर जोर दिया, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी कर शीघ्र निस्तारण कराने तथा लगाए गए जुर्मानों की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचन्द मौर्य, सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सी.आर. प्रजापति, औषधि निरीक्षक, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।