संवाददाता, उरई/जालौन
जनपद में 28 मई की रात्रि आए भीषण आंधी-तूफान, तेज वर्षा एवं बिजली गिरने की घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह पूरी रात क्षेत्र में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने जनपद के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि सभी आपातकालीन सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित रहें तथा पर्याप्त मात्रा में दवाएं, बेड, बिजली बैकअप एवं मानव संसाधन उपलब्ध रखे जाएं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस घटना में जनपद में दो लोगों की मृत्यु हुई है, जिनके आश्रितों को शासन के प्रावधानों के तहत 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके अलावा 7 लोग घायल हुए हैं, 23 पशुओं की क्षति तथा 45 मकानों के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। कुल 12.88 लाख रुपये से अधिक की राहत सहायता प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रस्तावित की गई है।
जिलाधिकारी ने राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, पुलिस एवं नगर निकाय विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि मौसम चेतावनियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, मुनादी एवं जनजागरूकता के कारण संभावित नुकसान को काफी हद तक कम करने में सफलता मिली है।
प्रशासन की सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के चलते वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है तथा राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं।