संवाददाता | उरई/जालौन
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (भारत सरकार) एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में जनपद जालौन की कालपी तहसील स्थित पीला घाट पर बाढ़ आपदा से निपटने के लिए राज्य स्तरीय मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) एवं पीएसी की फ्लड बटालियन ने संयुक्त रूप से बाढ़ के कारण नाव पलटने और यात्रियों के पानी में डूबने की काल्पनिक घटना का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में होमगार्ड एवं क्षेत्रीय आपदा मित्रों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
अभ्यास के तहत यह परिदृश्य तैयार किया गया कि नदी में यात्रियों से भरी एक नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई, जिससे कई लोग पानी में फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू टीमों ने मोटरबोट एवं लाइफ सेविंग उपकरणों की सहायता से पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्बुलेंस के माध्यम से निकटतम चिकित्सा केंद्र भेजा गया। मॉकड्रिल के दौरान कंट्रोल रूम समन्वय, खोज एवं बचाव अभियान, घटनास्थल प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सहायता एवं राहत कार्यों की पूरी प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया गया।
मौके पर उपस्थित अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज ने मॉकड्रिल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की कि वर्षा एवं बाढ़ के मौसम में नदियों, जलाशयों एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें, प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कालपी अमित शेखर, जिला आपदा विशेषज्ञ अचल श्रीवास्तव, डिप्टी कमांडेंट सीआईएसएफ, चिकित्सा अधीक्षक, फायर सेफ्टी ऑफिसर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।