संवाददाता | कानपुर देहात
बड़ौदा आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) कानपुर देहात में अचार, पापड़ एवं मसाला पाउडर निर्माण से संबंधित 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार एवं लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना था।
प्रशिक्षण में अकबरपुर ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों की 30 महिलाओं ने सहभागिता की। प्रतिभागियों को मसाला पाउडर निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, विपणन तथा लघु उद्योग स्थापित करने से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी श्री अखिलेश अग्निहोत्री ने प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का लाभ उठाकर स्वयं का उद्यम स्थापित करने और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी बलदेव प्रसाद ने महिलाओं को सफल उद्यम संचालन, उत्पाद की गुणवत्ता, विपणन रणनीति तथा व्यवसाय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देते हुए स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के निदेशक मयंक कटियार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
इस अवसर पर संस्थान के संकाय निखिल मिश्रा सहित आरसेटी के समस्त स्टाफ सदस्य एवं प्रशिक्षु महिलाएं उपस्थित रहीं।