फार्मर आईडी की बाध्यता से किसानों को मिलेगी राहत, अब खुद चुन सकेंगे गाटा और फसल

क्रॉप सर्वे में फसल का विवरण दर्ज न होने पर किसान कर सकेंगे स्वयं चयन, ऑनलाइन सत्यापन से दूर होंगी पंजीकरण की समस्याएं

संवाददाता
कानपुर देहात।

सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने के लिए किसानों के पंजीकरण में फार्मर आईडी के कारण आ रही समस्याओं को देखते हुए शासन ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब किसान पंजीकरण के दौरान स्वयं अपने गाटे और फसल का प्रकार चुन सकेंगे। इससे पंजीकरण प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है।

जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के अनुसार, जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उनकी भूमि का विवरण पंजीकरण से लिंक किया जाएगा। यदि क्रॉप सर्वे में किसी गाटे पर धान, मक्का, ज्वार, बाजरा या अन्य फसल का विवरण दर्ज नहीं है, तो किसान अपनी वास्तविक फसल के अनुसार विकल्प का चयन कर सकेंगे।

चयनित फसल और क्रॉप सर्वे में दर्ज विवरण के बीच अंतर होने पर संबंधित अधिकारी ऑनलाइन सत्यापन करेंगे। यह व्यवस्था पुराने और नए, दोनों प्रकार के पंजीकरणों पर लागू होगी।

नई व्यवस्था से किसानों को पंजीकरण के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया भी आसान हो सकेगी।

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