जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार अवस्थी ने अवगत कराया कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा शासन के निर्देशानुसार जनपद की गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को प्रारंभिक पोषण एवं टीकाकरण के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रथम बार गर्भधारण करने वाली पात्र महिलाओं को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खाते में कुल 5000 रुपये की धनराशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है। इसमें पहली किस्त 3000 रुपये गर्भावस्था के दौरान प्रथम स्वास्थ्य जांच के उपरांत तथा दूसरी किस्त 2000 रुपये शिशु के जन्म के बाद प्रथम चक्र के टीकाकरण (लगभग 120 दिन के भीतर स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण) के उपरांत दी जाती है।
इसी प्रकार, दूसरी संतान के रूप में पुत्री के जन्म होने पर प्रथम चक्र के टीकाकरण (लगभग 120 दिन के भीतर स्वास्थ्य जांच/टीकाकरण) के उपरांत लाभार्थी महिला को एकमुश्त 6000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2023 से अब तक जनपद जालौन में कुल 14,757 पात्र महिलाओं द्वारा योजनागत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा चुका है। इनमें प्रथम गर्भधारण के अंतर्गत प्राप्त 8,769 आवेदनों में से 6,489 महिलाओं को डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा चुका है। वहीं, दूसरी संतान के रूप में पुत्री जन्म के संबंध में प्राप्त 5,988 आवेदनों में से जांच उपरांत 3,010 महिलाओं को 6000 रुपये की दर से भुगतान किया जा चुका है।
योजना हेतु आवश्यक दस्तावेजों में गर्भवती महिला का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, स्वास्थ्य केंद्र से जारी जच्चा-बच्चा कार्ड (आरसीएच आईडी सहित), तथा आवेदिका के नाम से जारी ई-श्रम कार्ड/आयुष्मान कार्ड/एससी-एसटी जाति प्रमाण पत्र/आय प्रमाण पत्र (08 लाख रुपये तक)/दिव्यांगता प्रमाण पत्र/राशन कार्ड/किसान सम्मान निधि प्रमाण/मनरेगा जॉब कार्ड आदि में से कोई एक दस्तावेज शामिल है। इसके अतिरिक्त बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र एवं जन्मोपरांत जांच का प्रमाण पत्र भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक महिलाएं उक्त दस्तावेजों की स्पष्ट छायाप्रति के साथ अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर संपर्क कर आवेदन कर सकती हैं। यदि किसी पात्र महिला को योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो वह जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट जालौन में संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकती है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली धनराशि का कोई बजट जनपद स्तर पर प्राप्त नहीं होता है। जनपद द्वारा केवल आवेदनों को अग्रसारित किया जाता है तथा भुगतान शासन स्तर से सीधे लाभार्थी के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाता है।