उरई में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, गुड टच-बैड टच से लेकर साइबर अपराध तक दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। आगामी गांधी जयंती एवं अहिंसा दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज उरई में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और उनके कानूनी अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की दी जानकारी
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विशेष न्यायाधीश/अपर जिला जज राजीव सिंह ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न, छेड़छाड़ एवं पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह कानून बनाया गया है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर चुप न रहने का आह्वान किया।
1098 और 112 नंबर की दी जानकारी
सिविल जज सीडी/एफटीसी रजत सिंह यादव ने आपात स्थिति में सहायता के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन नंबर की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, निजी जानकारी एवं तस्वीरों को सार्वजनिक न करने तथा साइबर अपराधों से बचने के विभिन्न उपाय बताए।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार असहज या संदिग्ध लगे तो बच्चे बिना डर और झिझक के तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करें। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या गलत व्यवहार को छिपाने के बजाय खुलकर अपनी बात रखने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया।
निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनाली चन्द्रा ने विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आवश्यकता पड़ने पर जनपद न्यायालय परिसर उरई स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में जाकर निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से भी विधिक सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी गई।
लोक अदालत और सुलह-समझौते के लाभ बताए
शिविर का संचालन कर रहे पीएलवी महेश सिंह परिहार ने लोक अदालत एवं सुलह-समझौता केंद्र के लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न कानूनी सुविधाओं के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया।
विद्यार्थियों को जागरूक करने में ऐसे कार्यक्रम अहम
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के डीईओ दीपक नारायण, पीएलवी महेन्द्र कुमार मिश्रा, योगेन्द्र सिंह तखेले, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।