संवाददाता | उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित बैंकों, विद्युत विभाग एवं वेंडर्स को लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि बैंक स्तर पर योजना के कुल 797 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने बैंकवार समीक्षा करते हुए सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंड बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र को तीन दिवस के भीतर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए।
नेट मीटरिंग में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 168 लंबित उपभोक्ताओं की नेट मीटरिंग प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ आमजन तक समयबद्ध ढंग से पहुंचना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी नेडा को निर्देशित किया कि 29 मई 2026 को अपराह्न 3 बजे वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा की जाए। साथ ही प्रत्येक विकासखंड के एक गांव एवं प्रत्येक नगर क्षेत्र के एक वार्ड को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से संतृप्त करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि वेंडर्स स्तर पर 119 उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट स्थापना कार्य लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित सोलर प्लांट एक सप्ताह के भीतर स्थापित किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऋण स्वीकृत होने के तीन दिवस के भीतर उपभोक्ता के घर पर सोलर प्लांट स्थापित होना चाहिए, अन्यथा संबंधित वेंडर्स के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम एवं द्वितीय, जिला अग्रणी प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं क्रेडिट इंचार्ज तथा यूपीनेडा के पंजीकृत वेंडर्स उपस्थित रहे।