“न्याय व्यवस्था की मजबूती ही सुशासन की रीढ़” — मुख्यमंत्री योगी

डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के दीक्षांत समारोह में बोले सीएम

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक सुदृढ़ न्यायिक व्यवस्था के बिना सुशासन की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट, ई-फाइलिंग और ई-गवर्नेंस जैसी पहलें न्यायिक प्रणाली को पारदर्शी, त्वरित और सुलभ बना रही हैं, जिससे जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “सत्य बोलना और धर्म का आचरण करना ही जीवन का सर्वोत्तम मार्ग है।” उन्होंने कहा कि धर्म हमेशा न्याय की दिशा दिखाता है, और न्याय ही सुशासन की आत्मा है।


🎓 न्याय से ही राष्ट्र का उत्थान संभव

सीएम योगी ने कहा कि युवा वकील और न्यायविद समाज के लिए नई दिशा तय कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के 10 जिलों में नए न्यायालय भवन और न्यायाधीश निवासों का निर्माण कार्य चल रहा है, ताकि लोगों को शीघ्र न्याय मिल सके।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण अपनाना चाहिए जिससे छात्र न केवल भारतीय न्याय परंपरा को समझें, बल्कि डिजिटल युग की कानूनी चुनौतियों का भी समाधान कर सकें।


💬 मुख्यमंत्री के प्रमुख विचार

  • सत्य, धर्म और नीति जीवन की आत्मा हैं — योगी

  • ई-गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी से न्याय प्रणाली हो रही सशक्त

  • प्रदेश में 10 नए न्यायालय भवनों का निर्माण जारी

  • युवा वकीलों को “ई-कोर्ट सिस्टम” से जोड़ने पर बल


🏛️ समारोह का आकर्षण

दीक्षांत समारोह में छात्रों को उपाधियाँ और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इस अवसर पर न्यायिक क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी, कुलपति प्रो. अंजनी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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