उरई/जालौन | संवाददाता
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आगामी त्योहारों, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के अंतर्गत निषेधाज्ञा जारी कर दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 7 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि ईद-ए-मिलाद (बारावफात), रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, स्वतंत्रता दिवस, चेहल्लुम तथा अन्य स्थानीय आयोजनों के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। साथ ही विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
आदेश के तहत जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पर्व स्थलों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर, प्रकाश व्यवस्था, एंबुलेंस, अग्निशमन एवं पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाने, ट्रैफिक डायवर्जन की अग्रिम व्यवस्था करने, राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, रैन बसेरा, होटल, ढाबों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जेबकतरी, चेन स्नैचिंग, महिलाओं से छेड़छाड़ एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट, भड़काऊ भाषण एवं आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों एवं शांति व्यवस्था भंग करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के अनुसार जनपद की सीमा में बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, तलवार, त्रिशूल, फरसा, कटार, आग्नेयास्त्र अथवा अन्य घातक हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा और न ही उनका प्रदर्शन करेगा। यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों पर लागू नहीं होगा।
ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।
इसके अतिरिक्त साइबर कैफे संचालकों को आगंतुकों का पहचान पत्र, रजिस्टर एवं वेब कैमरे के माध्यम से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतियोगी एवं विश्वविद्यालय परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर विशेष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। खेतों में फसल अवशेष जलाने, पेट्रोल-डीजल एवं गैस का अवैध भंडारण करने तथा कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा। आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सभी तहसीलों, थानों, न्यायालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए किया जाएगा।