*जिला कारागार उरई में आत्मनिर्भरता की नई पहल, डीएम ने बेकरी यूनिट का किया शुभारंभ* *अब बंदियों को मिलेगा ताजा ब्रेड-बिस्किट, कारागार से पुलिस लाइन तक होगी आपूर्ति* संवाददाता उरई/जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला कारागार उरई में बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास एवं बेहतर भोजन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बेकरी कक्ष एवं अत्याधुनिक बेकरी मशीन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि मशीन से तैयार होने वाले उत्पादों का उपयोग बंदियों के नाश्ते एवं भोजन व्यवस्था में किया जाए, साथ ही भविष्य में पुलिस लाइन, अन्य सरकारी संस्थानों में भी इन उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और आत्मनिर्भरता का केंद्र होना चाहिए। बंदियों को कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा भविष्य में उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बंदियों के पुनर्वास और रोजगारपरक प्रशिक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि स्थापित बेकरी मशीन के माध्यम से कारागार में ब्रेड, बिस्किट एवं अन्य बेकरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इन उत्पादों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पहल बंदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ कारागार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिलाधिकारी ने शुभारंभ के उपरांत कारागार परिसर में संचालित अन्य निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर जेलर प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह, संगेष कुमार सहित कारागार का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।

संवाददाता | उरई/जालौन

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला कारागार उरई में बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास एवं बेहतर भोजन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए बेकरी कक्ष एवं अत्याधुनिक बेकरी मशीन का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कारागार प्रशासन को निर्देश दिए कि बेकरी यूनिट में तैयार होने वाले उत्पादों का उपयोग बंदियों के नाश्ते एवं भोजन व्यवस्था में किया जाए। साथ ही भविष्य में पुलिस लाइन एवं अन्य सरकारी संस्थानों में भी इन उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं आत्मनिर्भरता का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंदियों को कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य में उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने की नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन बंदियों के पुनर्वास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि स्थापित बेकरी मशीन के माध्यम से कारागार में ब्रेड, बिस्किट एवं अन्य बेकरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उत्पादों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बंदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ कारागार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

शुभारंभ के बाद जिलाधिकारी ने कारागार परिसर में संचालित अन्य निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था की सराहना की।

इस अवसर पर जेलर प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह, संगेष कुमार सहित कारागार का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *