केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में आएगा कृषि क्रांति का दौर, तीन फसलें होंगी संभव : स्वतंत्र देव सिंह

जल अर्पण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत को सौंपी गई जलापूर्ति योजना की जिम्मेदारी, जल संरक्षण का लिया संकल्प

संवाददाता
उरई/जालौन

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को जनपद जालौन के कदौरा विकास खंड के चमारी गांव में आयोजित ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ में ग्रामीणों को नल से जल आपूर्ति योजना की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपते हुए जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पूरी होने के बाद बुंदेलखंड की सिंचाई व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और किसान वर्ष में तीन-तीन फसलें लेने में सक्षम होंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर ग्रामीण परिवार तक नल से शुद्ध पेयजल, निःशुल्क राशन, बिजली, पक्की सड़क, किसान सम्मान निधि तथा पोषण आहार जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जलापूर्ति व्यवस्था का सदुपयोग करने के साथ-साथ जल संरक्षण को भी अपनी जिम्मेदारी बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसका लाभ उठा सकें।

उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। परियोजना पूरी होने पर सिंचाई सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को जल जीवन मिशन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने बुंदेलखंड के प्रत्येक ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया है।

जलशक्ति मंत्री ने बताया कि चमारी गांव में पुनर्वास के कारण स्थानांतरित किए गए 10 परिवारों को भी शीघ्र ही नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार सरकारी भवनों में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दे रही है। अब तक 35 हजार से अधिक सरकारी भवनों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जा चुकी है तथा 6,500 से अधिक चेकडैम और बड़ी संख्या में खेत-तालाबों का निर्माण कराया गया है।

नल से जल की सुविधा मिलने पर ग्रामीण भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा। ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का वचन दिया।

कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री ने पौधरोपण को भी जल संरक्षण से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, एमएलसी रमा निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित जल जीवन मिशन के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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