कानपुर देहात | संवाददाता
जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षाकाल-2026 के वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण तथा गंगा एवं सहायक नदियों की स्वच्छता से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जनपद में वन विभाग सहित 26 विभागों के सहयोग से आगामी वर्षाकाल में 50.38 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण की विस्तृत कार्ययोजना समय से तैयार कर उपलब्ध कराई जाए तथा पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वन विभाग को पौधों के ढुलान एवं वितरण की प्रभावी व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
प्रभागीय वनाधिकारी ने सभी विभागों से स्थानीय मृदा एवं जलवायु के अनुरूप पौध प्रजातियों का चयन करने पर जोर दिया, ताकि पौधों के जीवित रहने की दर अधिक हो और अभियान सफल बनाया जा सके।
बैठक में बताया गया कि 5 जून 2026 को ग्राम्य विकास, कृषि, उद्यान, पंचायतीराज एवं नगर विकास विभाग द्वारा किए गए पौधरोपण कार्यों की जियो टैगिंग अभी पूर्ण नहीं हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सभी रोपित पौधों की जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए।
जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगर पंचायत रूरा एवं सिकंदरा में ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने, प्लास्टिक जब्तीकरण और उसके प्रभावी निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग को सभी स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाओं की जांच करने तथा नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में बिना उपचार के किसी भी प्रकार का औद्योगिक अपशिष्ट प्रवाहित न होने दिया जाए। इसके लिए सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों तथा गंगा संरक्षण से जुड़े अन्य विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।